घरेलू हिंसा, मारपीट और जान से मारने की धमकी से परेशान पीड़िता ने मांगी सुरक्षा, बच्चों के अधिकार की भी उठाई मांग
पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ
अनपरा/सोनभद्र। थाना अनपरा क्षेत्र के लाल टावर काशी मोड़ निवासी एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि पति ने न सिर्फ वर्षों तक उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि धोखे से दवा खिलाकर उसका गर्भपात भी करा दिया। महिला ने तहरीर देकर अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आरोपी पति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक आयसा बेगम (30 वर्ष) का निकाह करीब 12 वर्ष पहले सरवर के साथ हुआ था। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा और उनके दो बच्चे भी हुए। लेकिन बीते कुछ वर्षों से पति-पत्नी के रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ता गया। पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2024 से पति का व्यवहार बेहद आक्रामक हो गया था और वह अक्सर मारपीट करते हुए तलाक देने का दबाव बनाता था।
महिला के अनुसार, अप्रैल माह में पति उससे मिलने आया था। इसी दौरान उसे पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। आरोप है कि पति ने गर्भपात कराने का दबाव बनाया, लेकिन महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद पति ने कथित रूप से खाने में दवा मिलाकर उसे खिला दी, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल में जांच के दौरान गर्भस्थ शिशु के नष्ट होने की पुष्टि हुई। पीड़िता का दावा है कि पति ने स्वयं दवा खिलाने की बात स्वीकार की थी।
पीड़िता ने यह भी बताया कि वह लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का शिकार रही है। विरोध करने पर आरोपी उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी देता था। लगातार बढ़ते भय और प्रताड़ना से परेशान होकर उसने पुलिस की शरण ली।
महिला ने बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और संपत्ति में उनके कानूनी अधिकार सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है। उसका कहना है कि अब वह किसी भी हालत में पति के साथ रहने को तैयार नहीं है, क्योंकि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।
इस मामले में थाना प्रभारी प्रणय प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर जांच की गई है। दोनों पक्षों से पूछताछ की गई। आरोपी पति को थाने लाया गया था, जहां उसने समझौते की इच्छा जताई, लेकिन महिला ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उसके साथ रहने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने शांति भंग की आशंका के मद्देनजर आरोपी का चालान कर न्यायालय भेज दिया है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

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