पूर्वांचल की आवाज न्यूज़ रिपोर्टर सोनभद्र
सोनभद्र। लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) के अधिकारी एसोसिएशन ने राष्ट्र हित और देश में ईंधन की बचत को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष की वार्षिक स्थानांतरण नीति को शून्य (स्थगित) करने की मांग की है। इस संबंध में एसोसिएशन द्वारा उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक (MD) को एक आधिकारिक पत्र भेजकर नीतिगत बदलाव का पुरजोर अनुरोध किया गया है।अधिकारी एसोसिएशन द्वारा प्रबंध निदेशक को लिखे पत्र में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र हित में किए गए हालिया संबोधन का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।पत्र के अनुसार, मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध संकट के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की भारी कमी देखी जा रही है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के चलते देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है, जिससे राष्ट्र के विकास की गति धीमी होने की आशंका है।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यातायात कम करने, खाद्य तेल के उपभोग में मितव्ययिता बरतने और कॉर्पोरेट व सरकारी विभागों में वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) को क्रियान्वित करने का सुझाव दिया है, ताकि ईंधन की
अधिकतम बचत की जा सके।प्रधानमंत्री के इसी आह्वान को आधार बनाते हुए अधिकारी एसोसिएशन ने उत्पादन निगम के शीर्ष प्रबंधन के समक्ष निम्नलिखित व्यावहारिक प्रस्ताव रखे हैं।देश के व्यापक हित को देखते हुए इस वित्तीय वर्ष में नियमित या सामान्य वार्षिक स्थानांतरणों (General Routine Transfers) पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और इस वर्ष के लिए नीति को शून्य घोषित किया जाए।एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया है कि केवल सामान्य प्रशासनिक तबादलों को रोका जाए। पदोन्नति (Promotion) के फलस्वरूप होने वाले अनिवार्य स्थानांतरण और कार्मिकों के पारस्परिक या स्वैच्छिक (Voluntary) स्थानांतरण को पहले की तरह ही सक्रिय रखा जाए ताकि कामकाज प्रभावित न हो।एसोसिएशन का दृढ़ मत है कि इस कदम से न केवल राष्ट्र हित में ईंधन की बचत होगी, बल्कि बिजली विभाग के राजस्व को भी बड़ा सहारा मिलेगा। पत्र में तर्क दिया गया है कि वार्षिक स्थानांतरण के कारण बहुत बड़े पैमाने पर कार्मिकों और उनके परिजनों का आवागमन होता है। यदि स्थानांतरण नीति को इस वर्ष शून्य कर दिया जाता है, तो ईंधन की प्रत्यक्ष खपत में बड़ी कमी आएगी। स्थानांतरण भत्ते (TA) और अन्य प्रशासनिक मदों पर होने वाले अत्यधिक व अनावश्यक वित्तीय व्यय पर रोक लगेगी।यह कदम प्रधानमंत्री जी द्वारा देश की प्रगति हेतु दिए गए निर्देशों का पूर्णत पालन करने और देश को सतत प्रगति की ओर अग्रसर रखने में एक मील का पत्थर साबित होगा।बिजली महकमे में अधिकारी एसोसिएशन के इस दूरदर्शी, व्यावहारिक और राष्ट्रभक्ति से प्रेरित सुझाव की चौतरफा सराहना और चर्चा हो रही है। अब यह देखना अत्यंत दिलचस्प होगा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम का शीर्ष प्रबंधन इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है।


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