पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय
वर्ष 2018 में नगर पालिका से खसरा अभिलेख गायब होने का मामला सामने आया। अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन आज लगभग 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी जांच का परिणाम जनता के सामने नहीं रखा गया।
सोनभद्र में भूमि विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। उम्भा जैसे दर्दनाक घटनाक्रम भी हो चुके हैं, और आज भी तहसील दिवसों में सबसे अधिक शिकायतें जमीन से संबंधित आती हैं। ऐसे में खसरा जैसे महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख का गायब होना अत्यंत गंभीर मामला है।
यदि पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है, तो क्लोजर रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए। यदि जांच लंबित है, तो उसकी निश्चित समय-सीमा तय कर निष्पक्ष जांच पूरी की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनता जानना चाहती है—आख़िर 8 साल से जांच क्यों लंबित है? देरी किस कारण हो रही है? पारदर्शिता और जवाबदेही हर नागरिक का अधिकार है।

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