ज्ञान मंदिर के यज्ञ अभियान को मिली नई गति, छात्र-छात्राओं को मिला सद्ज्ञान का अमूल्य उपहार
पूर्वांचल कि आवाज न्यूज बाराबंकी/लखनऊ विजय शंकर पाण्डेय
बाराबंकी/लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ द्वारा संचालित विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को “निशत कॉलेज ऑफ नर्सिंग, लखनऊ-अयोध्या मार्ग, बाराबंकी” के केन्द्रीय पुस्तकालय में युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों के 464वें युगऋषि वाङ्मय की स्थापना भव्य रूप से सम्पन्न हुई। कार्यक्रम आध्यात्मिक चेतना, ज्ञान संवर्धन और संस्कार निर्माण का प्रेरणादायी केंद्र बन गया।
इस अवसर पर सुश्री गीता शर्मा ने अपने उज्ज्वल भविष्य एवं समाज में सद्ज्ञान के प्रसार की भावना से सम्पूर्ण वाङ्मय साहित्य ज्ञानदान स्वरूप संस्थान के पुस्तकालय को भेंट किया। साथ ही संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी वितरित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल को युवा पीढ़ी के नैतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “सद्ज्ञान मानव जीवन का आधार है। श्रेष्ठ साहित्य मनुष्य के चिंतन, चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करता है।” उन्होंने युवाओं से सकारात्मक विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
इस दौरान श्रीमती उषा सिंह एवं सुश्री गीता शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञानदान सबसे बड़ा दान है और युगऋषि साहित्य समाज में नैतिक जागरण का माध्यम बन रहा है। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर श्री मदन मोहन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम में संस्थान के चेयरमैन डॉ० तौसीफ अहमद, प्रधानाचार्या सुश्री जोगिता चानू, निदेशक फार्मेसी श्री मनीष मौर्य, सहायक आचार्य सुश्री नेहा सिंह सहित अन्य संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएँ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं गायत्री ज्ञान मंदिर की ओर से श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, श्रीमती उषा सिंह एवं सुश्री गीता शर्मा



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