*पुराने ईंट पत्थर से बना दिया चबूतरा नया निर्माण दिखाकर हुआ भुगतान*
पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र उप संपादक संतेश्वर सिंह
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सोनभद्र विकास खंड नगवां में अजीबोगरीब विकास का माडल देखने को मिल रहा है ग्राम पंचायत सिकरवार में सामुदायिक भवन के पास पूर्व में बने अंबेडकर चउतरे को तुड़वाकर उसी के पत्थर और सोलंग को फिर से प्रयोग कर उसी के बगल में नए चउतरे का निर्माण कार्य करवाकर लाखों रुपए का भुगतान करवाने का मामला प्रकाश में आया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सिकरवार में एक अजीबोगरीब विकास का माडल देखने को मिल रहा है ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा सामुदायिक भवन के पास स्थित अंबेडकर चउतरे को तुड़वाकर उसी पत्थर और सोलंग का प्रयोग कर बगल में ही दूसरा चबूतरा का निर्माण कार्य किया गया है और उसे नया निर्माण दिखाकर पहली बार में 73000 हजार रुपए और दूसरी बार में 153000 हजार रुपए का भुगतान करवाने का आरोप लगाया गया है इसके अतिरिक्त मजदूरी के नाम पर भी हजारों रुपए का भुगतान किया गया है जिसमे भी अनियमितता बरती गई है जिन मजदूरों के नाम से भुगतान हुआ है वे कभी कार्य किए ही नहीं है इनकी पत्नियों के नाम से भी मजदूरी का भुगतान किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले जो अंबेडकर चबूतरा बना था वो भी पंचायत निधि से ही बनवाया गया था फिर उसी को तोड़कर दूसरा चबूतरा निर्माण कर नए का भुगतान करा लिया गया है जबकि पत्थर और सोलंग पुरानी ही हैं फिर एक ही कार्य का दुबारा भुगतान भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के बराबर है जबकि निर्माण में सिर्फ मजदूरी और बालू सीमेंट का ही प्रयोग हुआ है ऐसे में दो लाख से अधिक का मैटेरियल पर भुगतान समझ से परे है।
वही राम अवध के घर के पास भी पुलिया निर्माण के नाम पर हजारों का भुगतान किया गया है जबकि पुलियां पहले से ही वहां पर बनी हुई थी मरम्मत न दिखाकर नए निर्माण का भुगतान करवाना ग्राम पंचायत में सरकारी धन को लुटा जा रहा अब तो ग्राम प्रधान ही प्रशासक होंगो सरकारी आदेश के बाद तो अब और अधिक सरकारी धन के बंदरबांट का नायाब नमूना देखने को मिलेगा ग्राम प्रधान के भ्रष्ट कार्यों से जनता नाखुश हैं।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी नगवां से सेल फोन पर वार्ता किया गया तो
वही ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से पूरे कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कर संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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