पूर्वांचल कि आवाज न्यूज चंदौली संपादक विजय शंकर पाण्डेय
महिलाओं ने वनकर्मियों पर मारपीट और दस हजार रुपये लेने का लगाया आरोप,
रेंजर ने आरोपों को बताया निराधार
नौगढ़। गोलाबाद गांव के समीप आरक्षित वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने जयमोहनी वन रेंज कार्यालय के मेन गेट पर घेराव कर हंगामा किया। महिलाओं ने वनकर्मियों पर मारपीट करने, खेती के उपकरण को उठा ले जाने के साथ ही मुरली व परवेज नामक दो युवकों से दस हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया।
महिलाओं ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की जांच कराने की मांग किया।
वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि वन अपराध के मामले में लगाया गया जुर्माना ही संबंधित धनराशि है। जिसकी सरकारी रसीद दे दी गई है।
गुरुवार को दोपहर मे गोलाबाद गांव की महिलाएं समूह में जयमोहनी वन रेंज कार्यालय के मुख्य गेट का घेराव कर विरोध जताया।
आरोप लगाया कि बीते सोमवार को वन विभाग का आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान वनकर्मियों ने वहां खेती करने वाले लोगों को मारा पीटा है।
खेती में इस्तेमाल होने वाला हल-बख्खर सहित अन्य सामान भी वनकर्मी उठा ले गए।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान मुरली और परवेज नामक दो युवकों को पकड़ लिया गया। बाद में उनसे दस हजार रुपये जबरन लिया गया है।
वनविभाग के विरुद्ध नारेबाजी करके आक्रोशित महिलाओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किया।
नौगढ़ थाना क्षेत्र के गोलाबाद गांव के समीप आरक्षित वन भूमि पर अवैध रूप से वर्षों से खेती किए जाने की शिकायत पर सोमवार को क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर के अवैध खेती पर रोक लगाने की कार्रवाई पर रोक लगा कर के बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराने की तैयारी शुरू कर दी थी। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों की ओर से विरोध भी किया गया था।
क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने कहा कि वनकर्मियों पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
बताया कि आरक्षित वन भूमि पर कब्जा करने वाला एक संगठित समूह विभागीय कार्रवाई का विरोध कर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। दस हजार रुपये लेने के मामले में स्पष्ट किया कि यह वन अपराध के मामले में लगाया गया जुर्माना है। जिसकी सरकारी रसीद उपलब्ध है।
चेतावनी दिया कि वन भूमि को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और चिन्हित क्षेत्र में पौधारोपण कराया जाएगा।

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