पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र उपेन्द्र तिवारी संवाददाता
दुद्धी नगर पंचायत में पिछले पांच वर्षों के दौरान विकास कार्यों के लिए शासन की ओर से करोड़ों रुपयों का बजट जारी किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। कागजों पर चमकने वाला विकास धरातल पर पूरी तरह से 'लापता' नजर आ रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश हैं मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे लोग
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि करोड़ों रुपए का बजट ठिकाने लगाने के बाद भी नगर की सूरत नहीं बदली। आज भी कस्बे के कई वार्डों में नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।
जर्जर सड़कें और नालियां नगर की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक की हालत खस्ता है। जल निकासी की व्यवस्था सही न होने के कारण हल्की बारिश में ही नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है।
पेयजल का संकट गर्मी के मौसम में पीने के पानी की किल्लत और गहरा जाती है, लेकिन जल आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
स्ट्रीट लाइटें खराब नगर के कई मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरा पसरा रहता है और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कागजों पर विकास, जमीन पर विनाश!
कस्बे के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर साल विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। टेंडर पास होते हैं और बजट भी पास हो जाता है, लेकिन काम या तो अधूरा छोड़ दिया जाता है या फिर इतनी घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होता है कि कुछ ही महीनों में सड़कें और नालियां दोबारा टूट जाती हैं। जनता का पूछना है कि आखिर शासन से आया वह करोड़ों रुपया किसकी जेब में गया?
स्थानीय नागरिक का बयान
चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अढ़ाई साल बीतने क़ो है उसके बाद भी स्थिति जस की तस जनता के द्वारा दिए गए टैक्स से विकास कार्य होता है! लेकिन बदले में हमें सिर्फ कीचड़, गड्ढे और अंधेरी सड़कें मिल रही हैं। इस भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।"
जांच की उठ रही मांग
नगर पंचायत की इस कार्यप्रणाली को लेकर अब उंगलियां उठने लगी हैं। स्थानीय जनता और विपक्षी नेताओं ने जिला प्रशासन और सूबे के मुखिया से मांग की है कि दुद्धी नगर पंचायत में पिछले वर्षों में कराए गए कार्यों और आए बजट की निष्पक्ष विजिलेंस जांच कराई जाए। यदि जांच सही तरीके से हुई, तो इसमें बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले पर उच्च अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं या फिर दुद्धी की जनता इसी तरह बदहाली के आंसू रोने को मजबूर रहेगी।

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