पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र उपेन्द्र तिवारी
जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र से लेकर भूमि विवाद निस्तारण तक में लापरवाही का आरोप, स्थानांतरण एवं जांच की उठी मांग
दुद्धी (सोनभद्र)। नगर पंचायत दुद्धी के सभासदों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय लेखपाल विनय कुमार गुप्ता के कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र को एक संयुक्त प्रार्थना पत्र सौंपकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल के कार्य व्यवहार से आम जनता, गरीब परिवारों तथा विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार क्षेत्र में जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्रों के सत्यापन और निस्तारण में अनावश्यक विलंब किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों एवं जरूरतमंद लोगों को समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिल पाते। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गरीब एवं सामान्य वर्ग के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भूमि विवाद से संबंधित मामलों में लेखपाल द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती, जिसके कारण कई प्रकरण लंबित बने रहते हैं। इससे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से नहीं पहुंच पा रहा है।
प्रार्थना पत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित मामलों का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि पात्र आवेदकों की फाइलों का सत्यापन कर उन्हें कई-कई महीनों तक लंबित रखा गया, जिसके कारण अनेक जरूरतमंद परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित रह गए।
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फाइलों के निस्तारण में समानता का अभाव दिखाई देता है तथा कुछ मामलों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जाता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की कार्यशैली से जनता का विश्वास प्रभावित हो रहा है और लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
पत्र में भूमि पैमाइश से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। आरोप लगाया गया है कि पैमाइश की कार्रवाई के दौरान संबंधित पक्षों को भ्रमित करने वाली जानकारी दी जाती है, जिससे भूमि विवाद और अधिक बढ़ने की संभावना बनी रहती है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार क्षेत्र में कई विवाद ऐसे हैं जो निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई से आसानी से सुलझ सकते हैं।
सभासदों ने यह भी कहा कि लेखपाल का कई बार स्थानांतरण होने के बावजूद उनका प्रभाव क्षेत्र में बना हुआ है, जिससे आम लोगों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा आवश्यक होने पर संबंधित लेखपाल के स्थान पर अन्य अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
प्रार्थना पत्र में जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराकर तथ्य सामने लाए जाएं, ताकि दुद्धी क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके और राजस्व संबंधी कार्य पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सकें।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संबंधित लेखपाल अथवा प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

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