पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय
सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ सोनभद्र
घोरावल। रविवार की सुबह लगभग दस बजे बिसरेखी गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आवासीय बस्ती में अचानक करीब नौ फीट लंबा और लगभग ढाई कुंतल वजनी विशालकाय मादा मगरमच्छ नजर आया। बांस के पेड़ के पास से निकलकर मगरमच्छ रमेश विश्वकर्मा के घर की ओर बढ़ रहा था। विशालकाय मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीण सहम गए और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
मगरमच्छ की फुंफकार और उसका विशाल आकार देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। लोगों ने बिना जोखिम उठाए तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर वन दारोगा राजन मिश्रा, वन्य जीव रक्षक राहुल कुमार, विशाल कुमार, उज्जवल पांडेय और ओमप्रकाश की टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग की टीम ने काफी सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रस्सी, नेट और बांस की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने विशालकाय मगरमच्छ को काबू में कर लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित वाहन से मुक्खा फाल के जलाशय में ले जाकर छोड़ दिया गया।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा
वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिसरेखी गांव की आवासीय बस्ती से करीब नौ फीट लंबी मादा मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। बारिश के मौसम में बेलन नदी, बकहर नदी, नहरों और तालाबों का जलस्तर बढ़ने के साथ मगरमच्छों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की आशंका भी बढ़ जाती है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जलस्रोतों, खेतों और झाड़ियों के आसपास विशेष सावधानी बरतें। कहीं मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और न ही उसे पकड़ने का प्रयास करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।


Post a Comment