पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय
सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ सोनभद्र
*नगवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत नंदना का मामला,उठी जांच की मांग*
*सोनभद्र*
बैनी सोनभद्र । विकास खंड नगवां के ग्राम पंचायत नंदना में बिना स्वीकृति अंबेडकर भवन बनाने का मामला प्रकाश में आया है विभागीय अधिकारियों के माना करने के बावजूद निर्माण कार्य से प्रधान की मनमानी सामने आई है अब प्रधान जी नियम विरुद्ध कराएं गए कार्य के भुगतान के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। जबकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्राम पंचायत में कोई भी कार्य करवाने से पहले स्वीकृति लेना अनिवार्य है लेकिन प्रधान द्वारा ऐसा नही किया गया कार्य कराने के बाद स्वीकृति मिलना संभव नहीं है ऐसे में कार्य का भुगतान नहीं किया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि जिस समय अंबेडकर भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा था उसी समय उसके बगल में एमएलसी निधि द्वारा यात्री शेड का निर्माण कार्य भी चल रहा था ग्राम प्रधान ने अंबेडकर भवन निर्माण में एमएलसी निधि से चल रहे निर्माण का मैटेरियल गिट्टी ,बालू, सरिया आदि का प्रयोग किया गया है।
गौरतलब हो कि ये वही ग्राम पंचायत नंदना है जहां के ग्राम प्रधान पर सरकारी धन पंचायत निधि का दुरूपयोग कर अपना व्यक्तिगत कार्य करवाए गए है ग्रामीण उमेश यादव का कहना है कि ग्राम प्रधान ने पंचायत निधि से अपने खेत में रिबोर करवाकर ढाई इंच का समर्सेबल लगवाकर धान गेहूं आदि फसलों की सिंचाई की जाती है जबकि ग्राम पंचायत के लिए एक इंच का समर्सेबल लगता है जो ग्रामीणों के लिए होता है जिसका लाभ पेयजल ग्रामीण ले सकते हैं।
पूर्व में रिचार्ज पीट निर्माण , वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में भारी धांधली हुई है आरोप है कि इसमें भी रिचार्ज पीट अभी अधूरे पड़े है ग्राम प्रधान पर अपने सगे चचाओं के किए उनके घर तक सीसी रोड का निर्माण कर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाया गया है जबकि सरकारी धन से सार्वजनिक कार्य कराए जाने चाहिए लेकिन ग्राम प्रधान ने सारे नियम कानून ताक पर रखकर सरकारी धन का दुरूपयोग किया है वही आंगनवाड़ी केन्द्र नीबी में गैस कनेक्शन के नाम पर भी करा लिया 6200 रुपए का भुगतान ग्रामीणों का कहना है कि अगर ईमानदारी से ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों की जांच की जाय तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।
अंबेडकर भवन निर्माण में बिना स्वीकृति जेई ने सात लाख पैतीस हजार का भारी भरकम स्टीमेट बना दिया जो विभाग के कार्यशैली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं साथ ही ये भी प्रश्न खड़ा हो रहा है कि निर्माण के सापेक्ष्य लागत से बहुत ज्यादा का स्टीमेट बना हुआ है जो सरकारी धन के लूट की कहानी को बयां कर रहा है।
इस संबंध में पंचायत सचिव राकेश द्विवेदी का कहना है कि अंबेडकर भवन का निर्माण बिना स्वीकृति के हुआ है ऐसे में कार्य का भुगतान नहीं किया जा सकता है मैने इस मामले से उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।
वही ग्रामीण उमेश यादव , तन्नू आदि ने जिलाधिकारी सोनभद्र से प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच व नियम विरुद्ध भुगतान पर रोक लगाने की मांग की है।


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