पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय
गोष्ठी को संबोधित करते हुए अधिवक्ता एवं युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव धीरज पांडेय ने कहा कि मात्र 15 साल की आयु में 1920 के असहयोग आंदोलन में जेल जाने वाले कमलापति त्रिपाठी जी महात्मा गांधी जी द्वारा भारत की आज़ादी के लिए सुरु किए गए विभिन्न आंदोलनों में करीब छह वर्ष जेल में रहे, वह पत्रकारिता जगत से भी जुड़े रहे जेल में रहते वक्त स्वर्गीय त्रिपाठी जी ने बापू और मानवता, बापू और भारत, इस्लामी दुनिया का सिरताज जैसे ग्रंथ लिखे, आचार्य नरेंद्र देव और संपूर्णानंद के शिष्य के रूप में काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि ली, प्रसिद्ध संपादक बाबू राव पड़ाकर के शिष्य के रूप में सन 1932 से अपनी पत्रकारिता करने वाले त्रिपाठी जी ने आगे चलकर आज और संसार जैसे प्रतिष्ठित पत्रों का संपादन किया एक हिंदी सेवी और साहित्यकार के रूप में उनका अहम योगदान रहा उनका संपादकीय कार्य 1952 के आम चुनाव तक जारी रहा उसके बाद तो वह विधायक व उत्तर प्रदेश मन्त्रिमण्डल के सदस्य के तौर पर सत्ता की राजनीति से जुड़े रहे उसके अगले पांच दसक उप मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री,केंद्रीय मंत्री,राज्य सभा के नेता विपक्ष जैसी भूमिकाएं उनके नाम रही,
श्री आशुतोष पाठक ने कहा की स्वर्गीय कमलापति त्रिपाठी जी अपने राजनीतिक दौर में एक दक्ष प्रशासक और विकास के राजनीति के लिए जाने गए उत्तर प्रदेश में सिंचाई और बिजली विभाग और केंद्र में रेल, सड़क,परिवहन मंत्री के रूप में उन्होंने अपने काम काज से हर क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी,उनके संगठन क्षमता का ही सम्मान था कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष के रुप मे स्वीकार्य किया, साथ ही साथ पंडित जी एक धर्मनिष्ठ व्यक्ति थे वो लगभग तीन घण्टे पूजा करते थे सनातन में उनकी गहरी आस्था थी एक बार इंदिरा जी ने उनसे कहा कि पंडित जी एक शिकायत है आपकी के आप पूजा पाठ में ज्यादा वक्त देते हैं तो त्रिपाठी ने कहा कि बस यही एक ही ऐब है क्लब जाता नही, ताश खेलता नही पूजा के बाद शेष समय काम ही करता हूँ इसपर इंदिरा जी मुस्करा कर चुप हो गयी,
शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने कहा कि स्वर्गीय कमलापति त्रिपाठी जी का अपने छेत्र में गहरी पैठ थी उन्होंने ने आम लोगो का बहुत काम किया उनके यहां से कोई निराश हो कर कभी नही लौटा, विशेषकर पूर्वांचल के लिए चाहे सिचाई नहर बांध पम्प कैनाल की व्यवस्था हो या रेलवे का विस्तार हो या लोगो को नौकरी दिलाने का कार्य हो इस कारण मिर्जापुर, सोनभद्र, बनारस, चंदौली समेत कई जिले के लोग उन्हें भगवान की तरह पूजते थे // उक्त अवसर पर रामानंद पांडेय, जितेंद्र विश्वकर्मा, दिव्यज्योति सच्चिदानंद, जितेंद्र पांडेय, प्रदीप पटेल, अजय विश्वकर्मा, मनोज चौहान,कमलेश मौर्य,राजा पांडेय, उपस्थित रहे//

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