पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय/सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ सोनभद्र
*खलियारी/नगवां (सोनभद्र)।* क्षेत्र में बदलते मौसम की मार आम लोगों पर भारी पड़ रही है। दिन में चटक धूप और शाम को ठंड के कारण वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, मलेरिया, टाइफाइड और उल्टी-दस्त के मरीजों की बाढ़ आ गई है।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था के चलते गरीब मरीज प्राइवेट अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों के जाल में फंसकर लुटने को मजबूर हैं।
*सीएचसी-पीएचसी में दवाओं का टोटा*
नगवां, खलियारी और आमडीह क्षेत्र के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बदहाल है। ग्रामीणों के अनुसार सीएचसी-पीएचसी पर न तो समय से डॉक्टर मिलते हैं और न ही जरूरी दवाएं। पैरासिटामोल और ओआरएस तक के लिए मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ रही है। डॉक्टर आते भी हैं तो खानापूर्ति कर चले जाते हैं।
*गलत इलाज से जा रही जान*
सबसे गंभीर बात यह है कि गांव-गांव में बिना डिग्री के घूम रहे झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना जांच के ही तेज एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड और एक्सपायरी दवाएं दे दी जाती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दिनों गलत इंजेक्शन और गलत इलाज के कारण दो लोगों की हालत बिगड़ गई और उन्हें जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। कई गरीब लोग झोलाछाप के चक्कर में अपनी जान भी गंवा चुके हैं।
*प्राइवेट में मनमानी वसूली*
मजबूरी का फायदा उठाकर प्राइवेट अस्पताल एक-एक मरीज से जांच और भर्ती के नाम पर 5 से 10 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि झोलाछाप डॉक्टर बुखार उतारने के नाम पर 300-500 रुपये रोज ले रहे हैं।
*बच्चे-बुजुर्ग बेहाल*
बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर हो रहा है। हर दूसरे घर में बुखार का मरीज पड़ा है। बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और सीएमओ सोनभद्र से मांग की है कि सीएचसी-पीएचसी पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों की जान बच सके।


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