पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय
सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ सोनभद्र
सोनभद्र के चतरा ब्लाक क्षेत्र में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन कर अपनी जमीन बचाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान शामिल हुए
प्रदर्शन के दौरान गुप्त काशी के नायक एवं पर्यावरण प्रहरी रवि प्रकाश चौबे किसानों के बीच पहुंचे और उनका समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन की मिलीभगत से किसानों का शोषण किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस परियोजना से किसानों को कोई लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि बड़ी कंपनियों को फायदा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोनभद्र में हजारों पेड़ काटे जाने की बात सामने आ रही है, जो चिंता का विषय है।
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि उनका संगठन किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है साथ ही उन्होने इसे जनपद के जल जगल जमीन व आदिवासी समुदायों और किसानों के लिए अंतिम सांस तक उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं से किसानों की उपजाऊ जमीन प्रभावित होगी तथा पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
किसान विमलेश पटेल ने कहा, "जान दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे। जमीन हमारे लिए मां के समान है और कोई अपनी मां को नहीं बेचता।"
किसान गुलाब ओझा ने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन किसानों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विंध्य एक्सप्रेसवे का विरोध कर रहे हैं और अपनी जमीन नहीं देंगे।
किसान नीरज पटेल ने कहा कि भले ही उनकी जान चली जाए, लेकिन उपजाऊ कृषि भूमि पर कॉरपोरेट परियोजनाएं और एक्सप्रेसवे नहीं बनने दिया जाएगा, क्योंकि यही जमीन उनके परिवारों की आजीविका का आधार है।
किसान जनार्दन शुक्ला ने आरोप लगाया कि किसानों के विरोध के बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे।
चेतन ओझा ने कहा कि औद्योगिक विकास के नाम पर हम लोगों को मजदूर बनाने की योजना है
सुरेन्द्र मौर्य ने कहा कि किसी भी सूरत में ये सड़क नहीं बनने दी जायेगी बनाना है तो पहले आरपीके रोड बनायी जाय कार्यक्रम में सैकड़ों प्रभावित किसान मौजूद रहे


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