पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र संपादक विजय शंकर पाण्डेय
*वाराणसी।* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शास्त्री घाट पर सवर्ण समाज का धरना-प्रदर्शन बुधवार को छठे दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों की मुख्य मांगें यूजीसी रेगुलेशन को वापस लेना, आरक्षण में सुधार (Reservation Reform), सवर्ण आयोग का गठन और एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकना है।
धरने का नेतृत्व आदर्श ब्राह्मण फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष उपाध्याय और ब्रजेश मिश्र कर रहे हैं। उनके साथ सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे भी धरने पर बैठे हैं।
धरने को संबोधित करते हुए सवर्ण आर्मी के अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि रोटी-बेटी का संबंध होने पर आरक्षण खत्म होगा। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सच्चाई यह है कि जाति का ठप्पा आज भी नेताओं के लिए चिपका हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 9 बार सांसद रहने के बाद भी राम विलास पासवान और ब्राह्मण माता से जन्म लेकर 3 बार सांसद रहने और कंपनियों के मालिक होने के बाद भी चिराग पासवान को दलित ही कहा जाता है।
चौबे ने कहा कि अब समय आ गया है कि सवर्ण समाज जागे, सोचे और अपने अधिकार के लिए संगठित हो। अपना नेता खुद बनाओ और अपना हक खुद पाओ।
वक्ताओं ने मंच से कहा कि सवर्ण समाज का सभी जातियों के साथ खान-पान और संस्कृति का गहरा संबंध रहा है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार सवर्ण समाज के अस्तित्व को मिटाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज ने देश की आजादी में अपने प्राणों की आहुति दी है और आज उन्हीं के वंशज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। सवर्ण समाज सरकार बना सकता है तो गिरा भी सकता है।
धरने पर बैठे लोगों ने सरकार से खुले शब्दों में मांग की कि यूजीसी के काले कानून को वापस लिया जाए, रिजर्वेशन रिफॉर्म किया जाए, सवर्ण आयोग की स्थापना की जाए और एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए।


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