पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय
सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ सोनभद्र
सोनभद्र। बनबहुवार गांव में करीब एक किमी सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है। बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण बनबहुवार और निपनिया के बीच आवागमन लगभग ठप हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाली के कारण रोजमर्रा के कामकाज से लेकर बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तक में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से विरोध जताते हुए सड़क पर जमा कीचड़ और पानी के बीच धान की रोपाई कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि यह मार्ग अब खेत जैसा दिखाई देने लगा है। जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन भी प्रभावित है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। सड़क खराब होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस भी गांव तक आसानी से नहीं पहुंच पाती, जिसके चलते मरीजों को खाट या अन्य साधनों के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी बुधीराम यादव , सत्यपाल यादव, राजनारायण , शंकर , महेंद्र गोस्वामी ने सड़क की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग कर रहे हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र से विधायक दो बार चुने जाने के बावजूद सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई है। सांसद को भी कई बार समस्या से अवगत कराने का दावा ग्रामीणों ने किया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव के दौरान सड़क निर्माण का आश्वासन मिलता है, लेकिन चुनाव बीतने के बाद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता। बरसात आते ही सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है और गांव के लोगों का संपर्क प्रभावित होने लगता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और स्कूली बच्चों, मरीजों तथा आम ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं कराया गया तो वे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
बरसात के मौसम में सड़क की बदहाली ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के विरोध और लगातार उठाई जा रही मांग के बाद प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

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