Top News

अखिल भारतीय अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी संघ ने कैबिनेट सचिव को पत्रक भेजा

 पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र राजेश कुमार पाठक अधिवक्ता सोनभद्र 







- संविधान के अनुच्छेद 235 के तहत जिला न्यायालय कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारी घोषित किए जाने की उठाई मांग

संजय सुरौठिया, राष्ट्रीय महासचिव।


सोनभद्र। अखिल भारतीय अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारी संघ (AISCSA) के राष्ट्रीय महासचिव संजय सुरौठिया ने वृहस्पतिवार को कैविनेट सचिव  भारत सरकार को पत्रक भेजकर संविधान के अनुच्छेद 235 के तहत जिला न्यायालय के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारी घोषित किए जाने की मांग उठाई है।

उन्होंने अवगत कराया है कि यह संघ पूरे भारत के 5 लाख से अधिक जिला एवं अधीनस्थ न्यायालय कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। संविधान के अनुच्छेद 235 के अनुसार जिला न्यायालयों और उनसे अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण विशेष रूप से उच्च न्यायालय में निहित है, न कि राज्य सरकार में। इसके बावजूद, जिला न्यायालय के कर्मचारियों को वेतन, भत्ते, पेंशन और सेवा शर्तों के लिए राज्य सरकार का कर्मचारी माना जाता है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं और हाई कोर्ट के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान वेतन मिलता है।

यह एक अजीब स्थिति है जहाँ प्रशासनिक नियंत्रण उच्च न्यायालय (न्यायपालिका) का है लेकिन वित्तीय और सेवा नियंत्रण राज्य सरकार (कार्यपालिका) का है - जो शक्तियों के पृथक्करण और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के सिद्धांत के विरुद्ध है।

उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि जिला न्यायालय के कर्मचारी अनुच्छेद 50 के तहत संघ के संप्रभु न्यायिक कार्यों का निर्वहन करते हैं, न कि राज्य के सामान्य कार्यकारी कार्यों का।

All India Judges Association मामले के अनुसार जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों की सेवा शर्तें पूरे भारत में एक समान हैं। उनकी सहायता करने वाले कर्मचारियों का वेतनमान भी एक समान केंद्रीय होना चाहिए। जिला न्यायालय के रीडर / स्टेनो / लिपिक का कार्य हाई कोर्ट के असिस्टेंट / UDC के समान है, फिर भी वेतन में 30-40% का अंतर है। भारत सरकार पहले से ही सुप्रीम कोर्ट का खर्च वहन करती है और हाई कोर्ट को अनुदान देती है। जिला न्यायपालिका के लिए भी इसी तरह की केंद्रीय प्रायोजित योजना बनाई जा सकती है।

उन्होंने यह मांग किया है कि जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में कार्यरत समस्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों के प्रयोजन हेतु केंद्रीय सरकारी कर्मचारी / माननीय उच्च न्यायालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन डीम्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, और उन्हें हाई कोर्ट / सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारियों की भांति 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (और भविष्य के CPC), CGHS, केंद्रीय सरकारी आवास और पेंशन नियमों का लाभ दिया जाए।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Purvanchal Ki Aawaj News
Purvanchal Ki Aawaj News

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume