पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय
*सोनभद्र।* जनपद में इस वर्ष मिर्च की बंपर पैदावार होने के बावजूद किसानों के चेहरे पर मायूसी है। मिर्च का उचित रेट न मिलने से किसानों की कमर टूट गई है।
किसानों का कहना है कि एक बीघा मिर्च की खेती में जुताई, बीज, खाद, दवा और मजदूरी मिलाकर लगभग 25 से 30 हजार रुपये की लागत आती है, लेकिन मंडी में मिर्च का रेट 8 से 12 रुपये किलो ही मिल रहा है। इससे लागत भी निकालना मुश्किल हो गया है।
*मजदूरी भी नहीं निकल रही*
किसानों ने बताया कि सबसे बड़ी मार मजदूरी को लेकर है। मिर्च तुड़ाई (चुनाई) के लिए *मजदूर ₹7 प्रति किलो के हिसाब से* ले रहे हैं। यानी अगर मिर्च 10 रुपये किलो बिक रही है तो 7 रुपये तो मजदूर को ही देना पड़ रहा है, बाकी 3 रुपये में खाद-बीज और खेत का खर्च कैसे निकलेगा। इससे किसान कर्ज में डूब रहे हैं।
*बिचौलियों की मनमानी*
किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में बिचौलिए मनमाना रेट तय कर रहे हैं। व्यापारी मिर्च में खराबी का बहाना बनाकर औने-पौने दाम पर खरीद रहे हैं। मजबूरी में किसानों को घाटे में ही फसल बेचनी पड़ रही है।
*किसानों की मांग*
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मिर्च का समर्थन मूल्य तय किया जाए और मंडी में सरकारी खरीद केंद्र शुरू किया जाए, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम मिल सके।

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