पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय/सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ
पेड़ है तो प्राण है अभियान: जंगल बचाने को किसानों-आदिवासियों का हुंकार, ऊर्जा परियोजनाओं का विरोध
सोनभद्र। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में संचालित "पेड़ है तो प्राण है" अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी, वनवासी और किसान समुदाय ने प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं एवं जंगलों की कटाई के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में मोर्चा के जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने स्पष्ट कहा कि "जान दे देंगे, लेकिन जंगल नहीं कटने देंगे। जंगल हमारे जीवन, संस्कृति और अस्तित्व का आधार हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि जेएसडब्ल्यू, अबाडा, अडानी और अन्य निजी ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगल और ग्रामीणों की जमीन प्रभावित हो रही है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय जनजीवन पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति और लोगों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मांग की कि पर्यावरण संरक्षण, वनाधिकार और ग्रामीणों के हितों को प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले प्रभावित लोगों की सहमति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान कार्यालय मंत्री कैलाश तिवारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
कार्यक्रम में रामसूरत खरवार, गुलाब चेरो, दिनेश गोंड, मुरहु गोंड, रामेश्वर पनिका, जीतू माझी, बिंदु खरवार, आकाश चौहान, सत्रुधन बिंद, सूरज कनौजिया, सुजीत विश्वकर्मा, विजय चौहान, सत्यम पाण्डेय, शंकर सोनी, संजय बियार, विजय बिंद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में लोगों ने संकल्प लिया कि जंगल, जल, जमीन और पर्यावरण की रक्षा के लिए जनजागरण अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।


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