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दुद्धी में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद: सरकारी जमीनों, तालाबों और जलमग्न क्षेत्रों पर अवैध कब्जे का आरोप, भाजपा जिलाध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग

 पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र उपेन्द्र तिवारी संवाददाता 

​सोनभद्र (दुद्धी)। सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों, तालाबों, नहरों और जलमग्न क्षेत्रों (डूब क्षेत्र) पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे और हेरफेर का एक बड़ा मामला गरमाता जा रहा है। दुद्धी के वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र श्रीवास्तव ने इस पूरे प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सोनभद्र जिलाध्यक्ष को एक पत्र सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई की मांग की है।

​सर्वे सेटलमेंट के खेल से सरकारी जमीनों पर कब्जा!

​अधिवक्ता जितेंद्र श्रीवास्तव द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, दुद्धी में एक वर्ष से अधिक समय से जमीनों के हेरफेर का खेल चल रहा है। आरोप है कि:

​जलमग्न व बंजर भूमि पर नाम दर्ज: एक जलमग्न क्षेत्र एवं बंजर जमीन पर, जहां पूर्व में जमाल अहमद कुरैशी का कब्जा दर्ज था, वहां सर्वे सेटलमेंट के दौरान नियमों को ताक पर रखकर स्वर्गीय तुलसी दास जायसवाल का नाम दर्ज करा लिया गया।



​डूब क्षेत्र में भूमिधरी: इसी प्रकार उक्त जलमग्न क्षेत्र में सुधा रानी जायसवाल और जगदीश्वर जायसवाल द्वारा भी अपना नाम भूमिधरी के रूप में दर्ज करा लिया गया है।

​चेयरमैन पर निजी स्वार्थ के लिए सौंदर्यीकरण का आरोप

​पत्र में वर्तमान चेयरमैन श्री कमलेश मोहन पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि जलमग्न क्षेत्र के दक्षिण तरफ चेयरमैन की निजी जमीन है। अपनी जमीन की व्यावसायिक कीमत (दाम) बढ़ाने के उद्देश्य से चेयरमैन साहब द्वारा उक्त सरकारी/जलमग्न क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि निजी लाभ कमाया जा सके।

​बार एसोसिएशन उतरा विरोध में, तहसील दिवस में भी शिकायत

​इस पूरे मामले को लेकर दुद्धी बार एसोसिएशन के वकीलों में भारी आक्रोश है। बार एसोसिएशन सरकारी और जलमग्न जमीनों पर हो रहे इन अवैध कब्जों का पुरजोर विरोध कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में उप जिलाधिकारी (SDM) और जिलाधिकारी (DM) को भी 'तहसील दिवस' में शिकायती पत्र सौंपकर अवगत कराया जा चुका है।

​शिवाजी महाराज तालाब और नहर की जमीनों पर भी डाका

​शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि केवल जलमग्न क्षेत्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक शिवाजी महाराज तालाब, बंजर भूमि और नहर की जमीनों को भी निशाना बनाया गया है। आरोप है कि सत्यनारायण सिंह (वकील) ने अपने पिता स्वर्गीय रूपचंद सिंह के नाम पर सर्वे सेटलमेंट के खेल के जरिए इस सरकारी जमीन पर अपना नाम दर्ज करा लिया है।

​रेलवे स्टेशन की जमीन भी नहीं बची, भाजपा जिलाध्यक्ष से गुहार

​शिकायतकर्ता जितेंद्र श्रीवास्तव (एडवोकेट) ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुद्धी की आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन दूसरी तरफ सरकारी संपत्तियों, नहरों, तालाबों और यहाँ तक कि रेलवे स्टेशन की जमीनों पर भी भू-माफियाओं का बोलबाला हो चुका है और धड़ल्ले से कब्जे किए जा रहे हैं।

​उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष से विशेष अनुरोध किया है कि सत्ता और संगठन के स्तर पर इस संवेदनशील व जनहित के मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए और पूरे प्रकरण की जमीनी व तकनीकी जानकारी (जांच) जुटाने के बाद ही इस पर आगे का कोई कदम उठाया जाए, ताकि दुद्धी की सरकारी संपत्तियों को भू-माफियाओं के चंगुल से बचाया जा सके।

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