पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र उपेन्द्र तिवारी संवाददाता
दुद्धी (सोनभद्र)। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में कितना अंतर होता है, इसका जीता-जागता उदाहरण दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के दिघुल-टेढ़ा सम्पर्क मार्ग पर देखने को मिल रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा अभी हाल ही में मरम्मत कराई गई प्रधानमंत्री सड़क निर्माण के महज पांच दिनों के भीतर ही उखड़ने लगी है। सड़क की पांच साल की गारंटी का दावा करने वाले विभाग की पोल पहली ही गाड़ी गुजरने के बाद खुल गई।
गाड़ी के टायरों से उखड़ने लगी गिट्टी -
दिघुल-टेढ़ा सम्पर्क मार्ग पर जैसे ही वाहनों का आवागमन शुरू हुआ, सड़क की गिट्टियां भरभरा कर अलग होने लगीं। गाड़ियों के चक्के (टायरों) की रगड़ से डामर छोड़कर बिखर रही यह गिट्टियां अब राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। तेज रफ्तार वाहनों के पहियों से छिटककर यह गिट्टियां पीछे आ रहे बाइक सवारों या पैदल चलने वालों को गंभीर रूप से चोटिल कर सकती हैं।
जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, शुरुआत से ही था घटिया निर्माण का आरोप-
मामले को लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सरजू प्रसाद, ग्राम प्रधान जगतनारायण, ग्राम प्रधान फ़हरुद्दीन ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में मानकों की जमकर अनदेखी की गई है, जिसके कारण सड़क पांच दिन भी नहीं टिक सकी। वहीं स्थानीय निवासी बृज किशोर, सरोज, राजेश, लवकुश, गोरख सहित अन्य ने बताया कि जब इस सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ था, तभी ग्रामीणों ने सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए थे। ग्रामीणों ने ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों पर घटिया डामर और गिट्टी का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए काम की शिकायत की थी। लेकिन ग्रामीणों की आवाज को दरकिनार करते हुए आनन-फानन में लीपापोती कर सड़क तैयार कर दी गई।
जांच और कार्रवाई की मांग-
सड़क की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से इस भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी धन का इस तरह दुरुपयोग करने वाले ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, तथा सड़क का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।
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