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भीषण गर्मी तपिश की मार, हैंडपंप ने छोड़ा साथ तो लक्ष्य से अधिक करनी पड़ रही जलापूर्ति*

 पूर्वांचल कि आवाज न्यूज सोनभद्र विजय शंकर पाण्डेय 

सत्यनारायण मौर्य ब्यूरो चीफ 




सोनभद्र। भीषण गर्मी के बीच जिले के अधिसंख्य सरकारी हैंडपंप जवाब दे चुके हैं या जलस्तर काफी नीचे जाने की वजह से शोपीस बन गए हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल परियोजनाओं से लक्ष्य से अधिक पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। कई परियोजनाओं से निर्धारित मात्रा के मुकाबले डेढ़ गुना तक जलापूर्ति करनी पड़ रही है।


हर घर जल योजना के अंतर्गत जिले में 12 पेयजल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें नगवां, तेंदुआही, बेलाही, केवथा, परासी बेलवादह, गुरमुरा और पनारी परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। इन परियोजनाओं से जुड़े गांवों में गर्मी के मौसम में बढ़ी मांग को देखते हुए अतिरिक्त जलापूर्ति की जा रही है।


वहीं जिले की सबसे बड़ी पटवध और झीलो पेयजल परियोजनाओं से भी आंशिक रूप से गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। 


विभागीय आंकड़ों के अनुसार विभिन्न पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से प्रतिदिन करीब आठ से नौ करोड़ लीटर पानी की


आपूर्ति की जा रही है। सामान्य दिनों में जहां भी गांवों में लगभग एक घंटे तक जलापूर्ति होती थी, वहीं वर्तमान में इसे बढ़ाकर करीब डेढ़ घंटे कर दिया गया है। 




हालांकि अतिरिक्त जलापूर्ति के कारण जल निगम ग्रामीण पर बिजली खर्च का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।


*अधिशाषी अभियंता जल निगम ग्रामीण जसवंत सिंह ने बताया -*


जिले में 12 पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से सात परियोजनाओं का काम पूरा हो गया है। गर्मी में हैंडपंपों के सूखने एवं जलस्तर नीचे खिसकने से ग्रामीणों की निर्भरता पाइप पेयजल योजनाओं पर बढ़ गई है। ऐसे में सभी संचालित परियोजनाओं से अधिकतम क्षमता के साथ जलापूर्ति की जा रही है। पटवध एवं झीलो परियोजना से आंशिक गांवों में पानी आपूर्ति हो रही है। उसे जल्दी ही अधिक से अधिक गांवों को जलापूर्ति करते हुए परियोजना को  पूर्ण कर लिया जाएगा।




बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में सभी परियोजनाओं का मिलाकर कुल 3 लाख 13 हजार 799 घरों में पानी का कनेक्शन देना है। इसके सापेक्ष अब तक 2 लाख 98 हजार 388 घरों में कनेक्शन दिया जा चुका है।


*डेढ़ गुना तक बढ़ी पानी की मांग*


जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों के अनुसार हैंडपंपों के खराब होने और भूजल स्तर नीचे जाने से ग्रामीणों की निर्भरता पाइप पेयजल योजनाओं पर बढ़ गई है। ऐसे में सभी संचालित परियोजनाओं से अधिकतम क्षमता के साथ जलापूर्ति की जा रही है, ताकि गर्मी के दौरान किसी गांव में पेयजल संकट न हो। नगवां बांध आधारित तेंदुआही पेयजल परियोजना से 80 गांवों में जलापूर्ति की जा रही है। यहां प्रतिदिन 40 लाख लीटर पानी आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित है लेकिन गर्मी में बढ़ी मांग के कारण 60 से 65 लाख लीटर तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इसी प्रकार धंधरौल बांध आधारित बेलाही पेयजल परियोजना से 200 से अधिक गांवों में प्रतिदिन 1.10 करोड़ लीटर जलापूर्ति का लक्ष्य है, जबकि वर्तमान में 1.60 करोड़ लीटर से ज्यादा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यानी करीब 40 से 50 लाख लीटर अतिरिक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसी तरह नगवां, परासी, केवथा, गुरमुरा समेत अन्य परियोजनाओं से भी गर्मी में लक्ष्य से अधिक पानी की आपूर्ति की जा रही है।


*सोमा गांव में 50 फीसदी काम पूरा*


नगवां ब्लॉक के सुदूरवर्ती सोमा गांव में पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति के लिए जोरों पर काम चल रहा है। अधिकारियों की मानें तो 50 फीसदी काम पूरा हो गया है और वहां पानी भी पहुंच रहा है। जिन टोलों में पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां पाइप लाइन बिछाते हुए पानी पहुंचाने के लिए काम चल रहा है।

 

*ग्रामीणों का कहना है*


     नगवां ब्लॉक में भी लगातार प्रतिदिन नल से जल की जलापूर्ति हो रही है ग्रामीण तेजबली सिंह का कहना है कि हैड़पप सुख गए हैं अगर पाइप लाइन से जल की जलापूर्ति नहीं होती तो इस भीषण गर्मी और उमस में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता। आदिवासी छटंकी ने बताया कि नल से जल की जलापूर्ति प्रतिदिन दो से तीन घंटे अनवरत   मिल रही है जिससे पेयजल की समस्या दूर हो गई है इससे पहले हम लोगों को दूसरे के समर सेबल से पानी दूर से लाना पड़ता लेकिन आज घर में ही टोटी से पर्याप्त पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने पूर्व में हो रहे पेयजल की किल्लत से छुटकारा मिला है और सरकार की महत्वकांक्षी पाइप लाइन योजना की सराहना की है।

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